आप मेरी क़मीज़ सीजिएगा? (अति लघु कथा)

अभी पिछले दिनों यहाँ वहाँ चारों तरफ़ वेलेंटाइन डे की धूम थी। फ़ेसबुक से लेकर ट्वीटर तक इसी की चर्चा थी । मैं उन दिनों अमरोहा में था । जब वातावरण में प्रेम ही प्रेम फैला हो तो किसी पर भी उसका असर होना स्वाभिक है । मुझपर भी प्रेम का जादू चढ़ चुका था । एक तो प्रेम का भूत और उसपर पहले से जॉन एलिया का भूत। हालत गंभीर थी । एक दिन एक रेस्टोरेन्ट में बैठा चाय पी रहा था तो सामने की टेबल पर एक सुंदर सी लड़की को बैठा देखा। उसे देखकर दिल में लव एट फ़र्स्ट साइट वाली भावना कुलबुलाने लगी । आओ देखा न ताओ सीधे जाके उस लड़की को जॉन एलिया स्टाइल में कुछ यूं प्रपोज कर डाला...
आप मुझको बोहोत पसंद आयीं
आप मेरी क़मीज़ सीजिएगा?
मेरी इतनी बेबाकी देखकर वो लड़की और उसके साथ बैठी मंद मंद मुसकुराती उसकी सहेली सन्न रह गयी। उसने मेरे सवाली चेहरे को देखा । अपने मासूम से होंट को हिलाया और बोली ,"अंधे! मैं तुझे दर्ज़न दिख रही हूँ । बड़ा आया आशिक़ कहीं का!"

No comments:

Post a comment

Note: only a member of this blog may post a comment.